मधुबनी जिले में शराब कारोबारियों को डराकर वसूली करने वाले फर्जी उत्पाद अधिकारियों का खेल अब समाप्त हो गया है। राजनगर थाना क्षेत्र के राटी बरही टोला निवासी दुर्गानंद कुमार और राटी मोहनपुर निवासी कमल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि ये दोनों खुद को उत्पाद विभाग का अधिकारी बताकर शराब कारोबारियों को धमकाते और उनसे 80 हजार रुपये की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर शराबबंदी कानून के तहत फंसाने की धमकी दी जाती थी।
मधुबनी उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि यह मामला तब उजागर हुआ जब विभाग को इस तरह की शिकायत मिली। उन्होंने तुरंत नगर थाना पुलिस के साथ मिलकर जाल बिछाया और आरोपियों को राजनगर थाना क्षेत्र के पिलख्वर गांव के पास गिरफ्तार किया गया। वहीं, जयनगर थाना क्षेत्र के कमलाबाड़ी निवासी सुभाष यादव को भी हिरासत में लिया गया है और उससे पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दुर्गानंद कुमार और कमल कुमार लगातार शराब कारोबारियों के बीच घुसपैठ कर लोगों को डराते थे। शराब कारोबारियों को धमकाकर वसूली करना इनके लिए आम बात बन गई थी। ऐसे मामलों में कई बार कारोबारियों ने शांति बनाये रखने के लिए रकम दे दी, लेकिन पुलिस की तत्परता और गुप्त सूचना के आधार पर यह गिरोह पकड़ में आ गया।
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि जिले में शराब कारोबारियों द्वारा नेपाल से अवैध शराब लाकर खपत करने का मामला भी लगातार देखा जा रहा है। विभाग ने इस पर कड़ी निगरानी रखी हुई है और ऐसे फर्जी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को उत्पाद अधिकारी बताकर शराब के नाम पर पैसे मांगता है, तो बिना डर सीधे थाने को सूचना दें।
इस घटना के बाद मधुबनी में शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कई लोगों ने पुलिस को धन्यवाद दिया और कहा कि यदि विभाग और प्रशासन समय रहते सक्रिय न होते तो यह गिरोह लंबे समय तक लोगों को परेशान करता। वहीं, कुछ कारोबारियों ने बताया कि जिले में इस तरह के फर्जीवाड़े आम हो गए थे और लोग अक्सर डर के मारे चुप रहते थे।
नगर थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि सुभाष यादव से पूछताछ के बाद और कई नाम उजागर हो सकते हैं, जो इस गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस ने साफ किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिले में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी।
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने शराब के नाम पर वसूली की कोशिश की तो वह कानून की दंडात्मक कार्रवाई का सामना करेगा। उन्होंने कहा कि विभाग और पुलिस के सहयोग से ऐसा कोई भी गिरोह जिले में लंबे समय तक काम नहीं कर सकेगा।
यह घटना मधुबनी में प्रशासन की सक्रियता और फर्जीवाड़े के खिलाफ कानून की सख्ती का उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से उन्हें भरोसा हुआ कि प्रशासन ऐसे मामलों में नजर रखता है और समय पर कार्रवाई करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क के अन्य संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं।